CTET पेपर-1 2026: 90 अंक कहाँ से आएँगे

CTET पेपर-1 में उत्तीर्ण होने के लिए 150 में से 90 अंक चाहिए, और यही आँकड़ा पूरी तैयारी की दिशा तय करता है। पाँचों खंड बराबर 30-30 अंक के हैं, इसलिए जो खंड आपको सबसे कठिन लगता है वह उतना ही महँगा है जितना सबसे आसान वाला। इस समय 22वें संस्करण की स्थिति भी बदली हुई है, तो पहले वही देख लेते हैं।

22वाँ संस्करण: परीक्षा स्थगित, सुधार विंडो आज बंद

CBSE अब तक CTET के 21 संस्करण करा चुका है और 21वें संस्करण का परिणाम 30 मार्च 2026 को घोषित हुआ था। 22वें संस्करण के लिए ऑनलाइन आवेदन पहले 11.05.2026 से 10.06.2026 तक खुला और परीक्षा 06 सितंबर 2026 के लिए अधिसूचित थी।

इसके बाद माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय — Review Petition (Civil) Diary No. 53434/2025 in Civil Appeal No. 1385/2025 — का हवाला देते हुए CBSE ने 25.08.2026 की सार्वजनिक सूचना के माध्यम से पोर्टल दोबारा खोला, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को TET अर्हता प्राप्त करने का उचित अवसर मिले। यह दूसरी खिड़की 25.08.2026 से 01.09.2026 तक चली।

07.09.2026 की सूचना के अनुसार विवरण में ऑनलाइन सुधार की सुविधा 07.09.2026 से 10.09.2026 तक उपलब्ध है, और बोर्ड ने स्पष्ट लिखा है कि 10.09.2026 के बाद किसी भी परिस्थिति में कोई सुधार स्वीकार नहीं किया जाएगा। पहली खिड़की में आवेदन कर चुके अभ्यर्थी भी इसी अवधि में सुधार कर सकते हैं।

परीक्षा की संशोधित तिथि की घोषणा पोर्टल बंद होने के बाद की जाएगी — 25.08.2026 की सूचना में यही कहा गया है, और अभी तक कोई नई तिथि अधिसूचित नहीं हुई है। इसलिए तैयारी की योजना तिथि के भरोसे नहीं, बल्कि तत्परता के आधार पर बनाइए।

पेपर-1 का ढाँचा — पाँच खंड, बराबर भार

पेपर-1 कक्षा I से V के लिए है। सूचना विवरणिका के अनुसार अवधि ढाई घंटे है, कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न और 150 अंक, प्रत्येक प्रश्न एक अंक का और कोई ऋणात्मक अंकन नहीं। मुख्य प्रश्नपत्र द्विभाषी होता है — हिंदी और अंग्रेज़ी।

खंड प्रश्न अंक कुल में हिस्सा 90 तक पहुँचने हेतु औसत
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र 30 30 20% 18
गणित 30 30 20% 18
पर्यावरण अध्ययन 30 30 20% 18
भाषा I 30 30 20% 18
भाषा II 30 30 20% 18

खंड और अंक CTET-सितंबर 2026 सूचना विवरणिका से हैं; प्रतिशत और औसत उन्हीं से निकाले गए हैं।

पाँचों खंड अनिवार्य हैं और किसी को छोड़ा नहीं जा सकता। भाषा I तथा भाषा II अलग-अलग भाषाएँ होनी चाहिए, और अभ्यर्थी उपलब्ध विकल्पों में से चुनाव करता है।

90 अंक का बजट कहाँ खर्च होता है

NCTE अधिसूचना सं. 76-4/2010/NCTE/Acad, दिनांक 11.02.2011 के अनुसार 60% या उससे अधिक अंक पाने वाला अभ्यर्थी TET उत्तीर्ण माना जाता है। 150 में से यह 90 अंक बनता है, यानी 60 अंकों की छूट उपलब्ध है।

यह छूट सुनने में बड़ी लगती है, पर इसे खंडों में तोड़कर देखिए। 60 अंक ठीक दो पूरे खंडों के बराबर हैं। दूसरे शब्दों में, पाँच में से दो खंडों में शून्य पाकर भी अंकगणितीय रूप से 90 बचते हैं — बशर्ते शेष तीन खंडों में एक भी अंक न गँवाया जाए, जो व्यवहार में असंभव है। असली गुंजाइश इससे कहीं कम है।

व्यवहार में यही निष्कर्ष निकलता है कि हर खंड में लगभग 18 अंक चाहिए। चूँकि भार बराबर है, अध्ययन का समय सिलेबस के आकार के हिसाब से नहीं बल्कि अपनी वर्तमान शुद्धता के उलटे अनुपात में बाँटिए — जिस खंड में अभी सबसे कम अंक आ रहे हैं, समय वहाँ सबसे ज़्यादा जाना चाहिए।

आरक्षित वर्गों के लिए NCTE ने न्यूनतम शैक्षिक अर्हता में 5% तक की छूट अधिसूचित की है। साथ ही ध्यान रहे कि CTET उत्तीर्ण करना नियुक्ति का अधिकार नहीं देता — यह पात्रता की एक शर्त भर है, और अंतिम सत्यापन संबंधित भर्ती एजेंसी करती है।

आजीवन वैधता और प्रयासों की कोई सीमा नहीं

विवरणिका का यह हिस्सा योजना बनाने के लिहाज़ से सबसे महत्वपूर्ण है। नियुक्ति हेतु CTET प्रमाणपत्र की वैधता अवधि सभी श्रेणियों के लिए आजीवन है। CTET प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए प्रयासों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है, और उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपना स्कोर सुधारने के लिए दोबारा भी बैठ सकता है।

इसका सीधा असर रणनीति पर पड़ता है। जब प्रमाणपत्र एक बार में जीवन भर के लिए मिल जाता है और प्रयास सीमित नहीं हैं, तो 90 अंक की सीमा पार करना पहला लक्ष्य है, ऊँचा स्कोर उसके बाद की बात है। कई अभ्यर्थी दोनों को एक साथ साधने में समय गँवा देते हैं।

तैयारी किस क्रम में

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से शुरुआत का तर्क सीधा है: यह खंड याद रखने योग्य नामित सिद्धांतों पर टिका है — पियाजे, वाइगोत्स्की, क्रेशन, सैपिर-व्हॉर्फ — और इनके बीच का अंतर ही प्रश्न बनता है। पियाजे में चिंतन पहले आता है, वाइगोत्स्की में भाषा संज्ञानात्मक विकास को आगे बढ़ाती है, और सैपिर-व्हॉर्फ भाषा को विचार निर्धारित करने वाला मानती है। यह भेद स्पष्ट हो जाए तो एक साथ कई प्रश्न सधते हैं।

गणित में सामग्री कक्षा I–V की है, पर प्रश्न शिक्षाशास्त्र की ओर झुके रहते हैं। वैन हील के ज्यामितीय चिंतन स्तर, पोल्या के समस्या-समाधान के चार चरण और ELPS क्रम जैसे ढाँचे बार-बार लौटते हैं, जबकि गणना स्वयं प्राथमिक स्तर की रहती है।

पर्यावरण अध्ययन सबसे बिखरा हुआ खंड है — पौधे, भोजन, जल, आवास, यात्रा और शिल्प। यहाँ रटने के बजाय विशिष्ट तथ्यों की सूची बनाना काम आता है, क्योंकि प्रश्न प्रायः एक नाम या एक स्थान पर टिकते हैं।

पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) इस परीक्षा में दिशा तय करने का सबसे भरोसेमंद साधन हैं। उन्हें हल करने के बाद हर गलत उत्तर को कारण सहित दर्ज कीजिए और उसी सूची पर दोबारा लौटिए — जो पहले से आता है उस पर नहीं।

20 पेज में क्या है

ये रिवीज़न नोट्स पेपर-1 के सिलेबस को 20 पृष्ठों के कैप्सूल में संघनित करते हैं, पूरे पाठ्यक्रम का विस्तृत कवरेज नहीं देते। ये मान कर चलते हैं कि आप विषय एक बार पढ़ चुके हैं और अब दोहरा रहे हैं। इनमें प्रश्न-बैंक या हल सहित PYQ शामिल नहीं हैं; सामग्री का क्रम अवश्य पिछले प्रश्नों के विश्लेषण के आधार पर तय किया गया है, और अधिक भार वाले भागों पर तारांकित संकेत दिया गया है।

सार्वजनिक पूर्वावलोकन से बनावट का अंदाज़ा मिल जाता है। गणित शिक्षाशास्त्र में वैन हील के पाँच स्तर सारणी रूप में हैं, साथ में सममिति-रेखाओं की आकृतिवार गिनती और पोल्या के चार चरण। भाषा भाग में क्रेशन की पाँचों परिकल्पनाएँ, LSRW कौशल, स्वनविज्ञान की संख्याएँ तथा homograph–homophone–homonym का अंतर उदाहरण सहित सारणीबद्ध है। पर्यावरण अध्ययन में पौधों, भोजन-संरक्षण, जल और यात्रा-साधनों के तथ्य राज्यवार चिह्नित हैं।

👉 CTET पेपर-1 रिवीज़न नोट्स — PDF (20 पृष्ठ)

https://www.rattanote.com/library/ctet-paper-1-revision-notes

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CTET पेपर-1 में कितने अंक चाहिए

150 में से 90, यानी 60%। यह मानक NCTE अधिसूचना सं. 76-4/2010/NCTE/Acad, दिनांक 11.02.2011 से आता है। आरक्षित वर्गों के लिए न्यूनतम शैक्षिक अर्हता में 5% तक की छूट NCTE द्वारा अधिसूचित है।

CTET प्रमाणपत्र कितने वर्ष मान्य रहता है

नियुक्ति के लिए इसकी वैधता सभी श्रेणियों हेतु आजीवन है। प्रयासों की संख्या पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है, और उत्तीर्ण अभ्यर्थी स्कोर सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकता है।

22वें संस्करण की परीक्षा कब होगी

अभी घोषित नहीं हुई है। मूल तिथि 06 सितंबर 2026 थी, जिसे स्थगित कर दिया गया; 25.08.2026 की सार्वजनिक सूचना के अनुसार संशोधित तिथि आवेदन पोर्टल बंद होने के बाद घोषित की जाएगी। सुधार विंडो 10.09.2026 को बंद हो रही है।

सार

22वें संस्करण की परीक्षा स्थगित है और नई तिथि की प्रतीक्षा है, पर सुधार की अंतिम तारीख 10.09.2026 तय है। पेपर-1 का ढाँचा नहीं बदला — पाँच खंड, 30-30 अंक, कुल 150, उत्तीर्णांक 90, ऋणात्मक अंकन शून्य। प्रमाणपत्र आजीवन वैध है और प्रयास असीमित हैं।

सबसे पहले अपने आवेदन का विवरण जाँच लीजिए, क्योंकि 10.09.2026 के बाद सुधार का कोई रास्ता नहीं बचेगा।

📄 वास्तविक अंक-भार के अनुसार सजाए गए CTET पेपर-1 शॉर्ट नोट्स

https://www.rattanote.com/library/ctet-paper-1-revision-notes

Rattanote एक स्वतंत्र प्रकाशक है। ये अनौपचारिक अध्ययन सामग्री हैं और इनका CBSE, CTET इकाई अथवा NCTE से कोई संबंध, अनुमोदन या संबद्धता नहीं है। परीक्षा संबंधी अंतिम जानकारी के लिए ctet.nic.in पर प्रकाशित आधिकारिक सूचना ही मान्य होगी।

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